Saturday, October 21, 2023

एक्ट्रेस रेखा और विलन किरण कुमार की लव स्टोरी कैसे खत्म हुई

रेखा और किरण कुमार की लव स्टोरी कैसे खत्म हुई

मिस्ट्री गर्ल रेखा और हिंदी फिल्मों के जाने माने खलनायक जीवन के सपुत्र किरण कुमार के किसी समय दोनों एक दूसरे के प्यार में थे..रेखा , किरण को मम्मा बॉय के नाम से मुखातिब करती थी... लेकिन इन दोनों के बीच इसी वजह से तनाव इतना बड़ा के दोनों ने एक दूसरे से किनारा कर लिया.. दरअसल रेखा ने साल 1975 में स्टारडस्ट मैगज़ीन को एक इंटरव्यू दिया था जिसमे उसने दोनों के इश्क़ की नाकामी पर खुल कर बात की थी.. रेखा ने किरण कुमार से रिश्ता टूटने की वजह किरण का मम्मा बॉय होना बताया था.. रेखा ने कहा था के किरण कुमार इतना बड़ा होने के बाद भी हमेशा मम्मा बॉय ही बन कर रहा..मुझे उसके साथ रात को थोड़ा टाइम स्पेंड करना होता था... लेकिन रात 10 बजे के बाद उसे किसी भी कीमत पर घर जाना ही होता था..वो इस लिए के 10 बजे मम्मा दुआरा बनाया गया दूध का गिलास उसे पीना ही होता था.. और उसका ये आज्ञाकारी अवतार मुझे बिल्कुल पसंद नहीं था ..अगर बात करे किरण कुमार की तो उसे भी रेखा दुआर मम्मा बॉय बुलाना बिल्कुल पसंद नही था... किरण का कहना था के रेखा हमेशा उसे उसकी एक्स गर्ल फ्रेंड का नाम ले कर चिढ़ाती भी रहती थी और उनकी एक्स गर्लफ्रैंड की आवाज़ निकालकर उसको फोन करके चिढ़ाती रहती थी जिसका किरण को बहुत बुरा लगता था.. और किरण के पिताजी "जीवन" जी भी 'रेखा' को अपने घर की बहू बिल्कुल नहीं बनाना चाहते थे.. इन दोनों का इश्क़ किसी से छुपा नहीं था.. बस इसी वजह से इन दोनों के बीच दूरियां पैदा हो गयी..बाद में किरण ने तो शादी कर ली लेकिन रेखा ज़िन्दगी की उलझनों में ऐसी उलझी के आज तक वो अकेली तो है ही साथ साथ उसने अपनी ज़िंदगी भी मिस्टीरियस बना रखी है.. कोई भी उसे मिल नहीं सकता.. फरजाना की मंजूरी के बगैर...
लेकिन किरण कुमार ने हाल ही में बयान दिया था.. के रेखा ज़िन्दगी के किसी मोड़ पर मुझसे टकराएगी तो ज़रूर.. उसी दिन का मै इंतज़ार कर रहा हु..
 आप लोग ने रेखा या किरण कुमार की कौन सी फ़िल्म देखी है जो आपको अछि लगती है...

Friday, October 20, 2023

अमिताभ बच्चन के एक्सीडेंट ने कैसे जैकी श्रॉफ का फिल्मी करियर बनाया


      अमिताभ बच्चन की फ़िल्म कुली के दौरान हुए एक्सीडेंट की वजह से.. इस फ़िल्म के प्रति लोगों का क्रेज इतना बढ़ गया था के थेरेटर्स में टिकट दो-दो, तीन-तीन दिन बाद की भी नहीं मिलती थी। इसी दौरान सुभाष घई की भी एक फ़िल्म रिलीस हुई जिसका नाम था "HERO" ..जी हाँ जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि की पहली फ़िल्म..ये जैकी श्रॉफ की डेब्यू फिल्म थी और सामने थे मेगा स्टार, बॉक्स ऑफिस के बादशाह और ऊपर से उनके एक्सीडेंट की वजह से इस फ़िल्म को देखने का लोगो मे क्रेज.. आप सोच सकते है के उस दौरान कोई और फ़िल्म सुपर हिट तो क्या चल भी पाए..तो दोस्तो ये चमत्कार असल मे हुआ था.. और फ़िल्म इंडस्ट्री को जैकी श्रॉफ हीरो के रूप में मिला।
        दरअसल ये फ़िल्म कुली फ़िल्म के आगे पानी भी न मांग पाती अगर एक चमत्कार ना हुआ होता..दरअसल हुआ क्या पब्लिक थिएटर तो पहुंचती थी अमिताभ बच्चन की कुली फ़िल्म देखने के लिए.. लेकिन भीड़ इतनी होती थी के टिकट 2-3 दिन के बाद की भी नहीं मिलती थी तो उस समय थिएटर दूर दूर होते थे तो लोग भी दूर दूर से ही आते थे तो दर्शक सोचते थे के दूसरे थिएटर में HERO फ़िल्म लगी है अब आये है तो वी ही फ़िल्म देख लेते है.. फ़िल्म असल मे अछी भी थी.. उस फिल्म में शम्मी कपूर थे संजीव कुमार थे मीनाक्षी थी और उस फिल्म के गाने तो बाकमाल थे जो आज भी सुनने को मिल जाते हैं.. तू मेरा हीरो है, तू मेरा दिलबर है....याद तो होगा ही आपको... आहिस्ता आहिस्ता लोगो ने ही इस फ़िल्म की मशहूरी शुरू कर दी..लोग जब कुली फ़िल्म ना देख पाने की मायूसी के साथ वापिस घरों को जाने वाले होते तो कोई ना कोई उन्हें कह देता के हीरो फ़िल्म भी बहुत अछी है..आये हो तो वो फ़िल्म देखलो.. हुआ ये के अमिताभ बच्चन की चोट और हीरो फ़िल्म के म्यूजिक की वजह से पब्लिक दोनों फिल्मों में बट गयी जिसका फायदा दोनों फिल्मों को हुआ ..कुली फ़िल्म तो हिट होनी ही थी साथ साथ HERO फ़िल्म भी सुपर हिट हो गयी और बॉलीवुड को जैकी श्रॉफ जैसा एक और सुपरस्टार मिल गया और इस फ़िल्म के वाद जैकी श्रॉफ का कैरियर शुरु हुआ.. ऐसा ज्यादातर मैगज़ीन बोल रहे थे उस दौर के...क्या आप भी ऐसा कह सकते है के अमिताभ बच्चन के एक्सीडेंट की वजह से जैकी श्रॉफ का कैरियर भी बन गया ??

Monday, October 16, 2023

रेखा की जिंदगी के 3 रहस्‍य, जो हैं आज भी अनसुलझे



बॉलीवुड की सदाबहार ब्‍यूटी कही जाने वाली रेखा के जीवन के ऐसे रहस्‍य, जो अब तक है अनसुलझे। आप भी जानें। 

बॉलीवुड इंडस्‍ट्री में अपनी एवरग्रीन ब्‍यूटी के लिए फेमस वेटरेन एक्‍ट्रेस रेखा ने सिल्वर स्क्रीन पर कई भूमिकाएं निभाई हैं। स्‍क्रीन पर उनकी एक्टिंग जितनी सुलझी हुई लगती है, असल जीवन में उनका व्यक्तित्व उतना ही उलझा हुआ है। खासतौर पर जब बात रेखा की लव लाइफ से जुड़ी हो तो कई सारे अनसुलझे रहस्‍य सामने आ खड़े होते हैं। आज हम रेखा के जीवन से जुड़े उन रहस्‍यों पर बात करेंगे, जिन पर बाते तो खूब की गईं मगर वह कभी सुलझ नहीं पाए।

विनोद मेहरा से शादी
रेखा और एक्‍टर विनोद मेहरा के रिश्‍तों को लेकर इंडियन सिनेमा के इतिहास में बहुत सारी बातें दर्ज हैं। कभी विनोद मेहरा को रेखा का पहला प्‍यार बताया गया तो कभी पहला पति। हालांकि, रेखा ने सिमी गरेवाल के फेमस टॉक शो 'Rendezvous' में इन सभी बातों को झूठा बताया था। मगर फेमस पत्रकार यासिर उस्‍मान की किताब 'रेखा: एन अनटोल्‍ड स्‍टोरी' में रेखा और विनोद मेहरा की शादी का जिक्र मिलता है।

यासिर उस्‍मान ने अपनी किताब में लिखा है, 'रेखा ने विनोद मेहरा से शादी की थी। यह दोनों की पहली शादी थी मगर दोनों ने ही इस शादी का जिक्र कभी नहीं किया। दोनों ने कोलकाता में शादी की थी। शादी के बाद जब विनोद अपनी नई नवेली दुल्‍हन रेखा को लेकर घर पहुंचे तो विनोद की मां कमला मेहरा ने रेखा को बहू मानने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं, रेखा जब उनके पैर छूने के लिए झुकीं तो कमला मेहरा ने उन्‍हें धक्‍का दे दिया था।'

अमिताभ बच्‍चन के नाम का सिंदूर
रेखा को ऑन स्‍क्रीन सिंदूर लगाए तो आपने कई बार देखा होगा। मगर रेखा ऑफ स्‍क्रीन भी अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं। रेखा ऐसा क्‍यों करती हैं? इस बारे में जब भी उनसे पूछा गया, तब उन्‍होंने यही कहा कि उन्‍हें सिंदूर लगाना अच्‍छा लगता है। मगर 22 जनवरी 1980 में हुई ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी में जब पहली बार रेखा अपनी मांग में सिंदूर भर कर पहूंची थीं, तब पूरी इंडस्‍ट्री में तहलका मच गया था। उस दौरान रेखा और महानायक अमिताभ बच्‍चन के बीच चल रहे अफेयर के चर्चे जोरों पर थे। उस वक्‍त सभी को लगा था कि रेखा अपनी मांग में अमिताभ के नाम का सिंदूर भरकर आई हैं। मगर सिमी गरेवाल ने अपने टॉक शो 'Rendezvous' में रेखा से अमिताभ बच्‍चन को लेकर सवाल पूछे तो रेखा ने कहा, 'पूरी दुनिया अमिताभ जी की फैन है। अगर मैं भी उनकी फैन हूं तो यह इतनी बड़ी बात क्‍यों बन जाती है।

सेक्रेटरी फरजाना के साथ रिश्‍ते
अवॉर्ड फंक्‍शन हो या फिर कोई दूसरा अवसर, रेखा के साथ एक शख्स को हमेशा उनकी परछाई की तरह चिपका पाया जाता है। हमेशा व्‍हाइट और ब्‍लैक शर्ट पैंट या कोट-पैंट में दिखने वाला यह शख्‍स एक महिला है। इस महिला का नाम फरजाना है। फरजाना रेखा की सेक्रेटरी है। फरजाना और रेखा 32 सालों से एक दूसरे के साथ हैं। दोनों की रिलेशनशिप को लेकर मीडिया में कई सारी बातें सुनने को मिलती हैं। फेमस जर्नलिस्ट मोहनदीप ने अपनी किताब ‘Eurekha’ में फरजाना के बारे में काफी कुछ लिखा है, ' पहले फरजाना रेखा की हेयर स्‍टाइलिस्‍ट थीं। मगर रेखा धीरे-धीरे फरजाना पर इतना भरोसा करने लगी कि उन्‍होंने फरजाना को अपना पर्सनल सेक्रेटरी बना लिया।'

आज रेखा के सबसे करीब अगर कोई है तो वह फरजाना ही हैं। मोहनदीप ने अपनी किताब ‘Eurekha’ में इस बात का भी दावा किया है कि रेखा के बेडरूम में कोई नहीं जा सकता है। केवल बेहद खास लोगों को ही रेखा अपने कमरे में आने देती हैं। इन खास लोगों में से एक फरजाना भी हैं। इतना ही नहीं, किताब में यह भी लिखा है, 'रेखा के कपड़ों को सेलेक्‍ट करने से लेकर फोन पर रेखा को किससे बात करनी है और किससे नहीं यह भी फरजाना ही तय करती हैं।'

Saturday, March 21, 2020

जनता कर्फ्यू' की अपील पर ये क्या बोल गई पूजा बेदी पीएम मोदी से पूछ लिया यह सवाल

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बॉलीवुड एक्ट्रेस पूजा बेदी ने पीएम मोदी की 'जनता कर्फ्यू' की अपील पर ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने एक सवाल भी पूछ डाला है।  
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पीएम मोदी ने गुरुवार को कोरोना वायरस Coronavirus (कोरोना वायरस) को लेकर देश को संबोधित किया और उन्होंने 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' के लिए देश की जनता से अपील की। यह सब कहने के बाद, Sanjay Dutt (संजय दत्त), Shahrukh Khan (शाहरुख खान) जैसे सितारों ने ट्वीट के माध्यम से प्रतिक्रिया दी। वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री Pooja Bedi (पूजा बेदी) भी इस सूची में शामिल हो गई हैं। उन्होंने हाल ही में PM Narendra Modi 
(पीएम मोदी) के संबोधन के बारे में भी ट्वीट किया और अब उन्होंने फिर से एक ट्वीट किया है, जो सभी को आश्चर्यचकित कर देगा।
Pooja Bedi (पूजा बेदी) ने ट्वीट में लिखा है- “भारत को (थाली बजाने के बीच) यह पता लगाने की जरूरत है कि कोरोनावायरस के कारण होने वाली आर्थिक गिरावट से निपटने के लिए कैसे तैयार किया जाए. Nirmala Sitharaman (निर्मला सीतारमण) समाधान के साथ आओ. लोगों को एक योजना दें? उपाय? अन्य सभी देश कर रहे हैं तो भारत क्यों नहीं?"
दरअसल, इससे पहले भी Pooja Bedi (पूजा बेदी) ने ट्वीट में लिखा था कि “प्रिय PM Narendra Modi (पीएम नरेंद्र मोदी), आपके राष्ट्र के नाम बेहतरीन संबोधन के लिए शुक्रिया, जिसमें आपने भारत को Coronavirus (कोरोना वायरस) के कहर से बचाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी लेकिन आपको नहीं लगता कि कुछ दिन पहले का आंध्र प्रदेश का कार्यक्रम और लाखों श्रद्धालुओं वाला राम उत्सव जो आप कह रहे हैं उसके एकदम विपरीत है?” इस तरह ट्वीट कर पूजा बेदी ने पीएम मोदी से सवाल किया है।  
आपको ज्ञात होगा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम कहा: "22 मार्च को हमारा यह प्रयास, हमारा आत्म संयम, देश हित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक मजबूत प्रतीक होगा." उन्होंने कहा कि जनता कर्फ्यू जनता के लिए, जनता द्वारा लगाया गया कर्फ्यू है. उन्होंने देशवासियों से अपील की कि 22 मार्च की शाम पांच बजे डॉक्टरों, चिकित्सा के पेशों में लगे लोगों, साफ-सफाई में लगे कर्मचारियों को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद देना चाहिए. प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में भी इतने देश प्रभावित नहीं हुए थे जितना की कोरोना वायरस से हुए हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण पूरा विश्व संकट से गुजर रहा है और प्रत्येक भारतीय को सतर्क रहना चाहिए." वहीं पीएम मोदी के जनता कर्फ्यू वाली अपील पर फिल्मी सितारें मे दिल खोलकर अपनी राय व्यक्त की है।

कार्तिक आर्यन के इस VIDEO को पीएम मोदी ने किया शेयर, कहा- 'ये है कोरोना का पंचनामा'


बॉलीवुड के कई सितारें कोरोना वायरस को लेकर अपनी-अपनी राय दे रहे है। वहीं कार्तिक आर्यन के एक VIDEO को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने एक ट्वीट किया है। 
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Bollywood (बॉलीवुड) स्टार Kartik Aaryan (कार्तिक आर्यन) ने अपने प्रशंसकों को Coronavirus (कोरोना वायरस) से बचने की सलाह दी और इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया। इस समय कार्तिक का ये Video on Social Media (वीडियो सोशल मीडिया) पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं। लेकिन अब उनके इस वीडियो को PM Narendra Modi (पीएम नरेंद्र मोदी) ने भी पसंद किया है और उन्होंने इस वीडियो को अपने ट्विटर वॉल पर भी शेयर किया है। जी हां, आप देख सकते हैं, इस वीडियो को साझा करते हुए, मोदी जी ने लोगों को मजाकिया तरीके से सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
PM Narendra Modi (पीएम नरेंद्र मोदी) ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा है, ''वह युवा अभिनेता आपसे कुछ कहना चाहता है... इसका समय 'ज्यादा सावधान' है और 'कोरोना का पंचनामा' है!'' 
आप समझ गए होंगे कि प्रधानमंत्री का यह ट्वीट 2011 में अभिनेता Kartik Aaryan (कार्तिक आर्यन) की पहली फिल्म Pyaar Ka Punchnama ('प्यार का पंचनामा') के मोनोलॉग संवाद को देखते हुए बनाया गया है। अब कार्तिक आर्यन Coronavirus (कोरोना वायरस) पर लोगों को उसी तरह से सावधान कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने सभी को चेतावनी दी है सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस के मद्देनजर एक और मोनोलॉग संवाद के साथ वापसी की है, जिसे लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है।

कोरोना पर अक्षय-शाहरुख ने जनता से की अपील


बॉलीवुड सेलेब्स अक्षय कुमार और शाहरुख खान जनता से अपील कर रहे है की कोई भी ऐसे ,समय में बाहर ना निकले। 
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Coronavirus (कोरोना वायरस) का डर हर जगह फैला हुआ है और हर कोई इससे डरता है। ऐसे में Bollywood (बॉलीवुड) सेलेब्स इससे सावधान रहने के लिए कोई वीडियो शेयर कर रहे हैं। इस लिस्ट में Akshay Kumar (अक्षय कुमार) और Shahrukh Khan (शाहरुख खान) का नाम शामिल है। हाल ही में, अभिनेता अक्षय कुमार ने कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक वीडियो संदेश साझा किया है। इस वीडियो के माध्यम से, उन्होंने उन लोगों को निशाना बनाया है, जो सरकार के निर्देशों के बावजूद घर से बाहर घूम रहे हैं और पार्टियां कर रहे हैं।
जी हां, हाल ही में Akshay Kumar (अक्षय कुमार) ने कहा, “घर पर हूं और उम्मीद करता हूं कि आप भी घर पर होंगे और अगर नहीं तो किसी जरूरी काम से बाहर होंगे. अभी हमारा खुद से ये सवाल पूछना जरूरी है कि क्या हमारा बाहर जाना जरूरी है. मुंबई एयरपोर्ट पर कोरोना टेस्ट किया जा रहा है और जिनका रिजल्ट नेगेटिव है उन्हें सेल्फ क्वारनटीन का स्टाम्प लगाया जा रहा है, ये समझाते हुए कि वे दो हफ्तों तक लोगों के संपर्क में नहीं आएंगे. लेकिन इसके बावजूद लोग देश का कोना कोना घूम रहे हैं. शादियों में, छुट्टियों पर, पार्टियों में जा रहे हैं. वे न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों कि जिंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं”  
उन्होंने आगे कहा- “लोगों को क्या समझ नहीं आ रहा है, कोरोना छुट्टी पर नहीं बल्कि ओवरटाइम कर रहा है. इस रेस में वो हमसे आगे चल रहा है. लेकिन रेस अभी बाकि है जिसे हम जीत सकते हैं. ये पहली ऐसी रेस होगी जिसमें पहले रुकने वाला रनर जीत जाएगा. इस रेस में या तो सब साथ जीतेंगे या फिर सब साथ हारेंगे”
https://www.instagram.com/tv/B99BAw0HsuU/?utm_source=ig_embed
वहीं Akshay Kumar (अक्षय कुमार) के अलावा Shahrukh Khan (शाहरुख खान) ने भी अपने Social Media (सोशल मीडिया) पर एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा, “नमस्कार, मैं सभी से अपील करता हूं कि पब्लिक प्लेस पर जाने से बचें। अगर जरूरी ना हो तो ट्रेन और बसों के सफर से बचें। आने वाले 10 से 15 दिन बहुत कठिनाई भरे हैं।' 'इस वायरस से लड़ने के लिए जनता और सरकार को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। तो मैं फिर से अपील करता हूं कि पैनिक ना करें और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से सतर्क रहें और राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।'

Saturday, March 23, 2019

केसरी की दहाड़ रही फीकी

एक गोरे ने मुझसे कहा था कि तुम गुलाम हो, हिंदुस्तान की धरती से डरपोक पैदा होते हैं। आज जवाब देने का वक्त आ गया है - हविलदार ईशर सिंह (अक्षय कुमार) ऐसा अपने साथी जवानों से कहता है जब सामने लगभग 10 हज़ार की अफगानी फौज सारागढ़ी के किले पर कूच करने के लिए आगे बढ़ रही होती है।  इस माहौल में जितनी टेंशन होनी चाहिए वो नज़र आती है और आपको महसूस भी होती है लेकिन दुख की बात ये है कि केसरी में ऐसे भावनाओं से भरे हुए सीन  बहुत कम है.

बहरहाल, अब बात फिल्म की। हवलदार ईशर सिंह (अक्षय कुमार) और उसका साथी गुलाब सिंह (विक्रम कोचर) नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रांत के गुलिस्तान फोर्ट में तैनात है, जो अफगानिस्तान और भारत की सीमा पर स्थित है। इस फोर्ट पर कब्जा करने के लिए समय-समय पर अफगान धावा बोलते रहते हैं, लेकिन हर बार नाकाम हो जाते हैं। एक दिन सीमा पार एक मौलवी (राकेश चतुर्वेदी) के नेतृत्व में कुछ अफगान एक औरत (तोरांज केवोन) को मौत की सजा दे रहे हैं, क्योंकि वह अपने पति को छोड़ कर भागने की कोशिश करती है। ईशर सिंह से यह देखा नहीं जाता है और वह अपने अंग्रेज अफसर के आदेश की अवहेलना करके उस औरत की रक्षा करता है। इस बेअदबी की वजह से उसका ट्रांसफर सारागढ़ी कर दिया जाता है। सारागढ़ी फोर्ट का इस्तेमाल गुलिस्तान फोर्ट और लोकार्ट पोस्ट के बीच संपर्क पोस्ट के रूप में किया जाता है। ईशर सारागढ़ी आकर पोस्ट के इंचार्ज का कार्यभार संभालता है। उधर ईशर के कारनामे से भड़का मौलवी अफगान सरदारों गुल बादशाह खान (अश्वत्थ भट्ट) और खान मसूद (मीर सरवर) को एक साथ मिल कर सारागढ़ी, गुलिस्तान और लोकार्ट फोर्ट पर हमला करने के लिए तैयार कर लेता है। 12 सितंबर 1897 को दस हजार से ज्यादा अफगान सारागढ़ी पहुंच जाते हैं और सिख सैनिकों से सरेंडर करने के लिए कहते हैं। सहायता के लिए सारागढ़ी से लोकार्ट संदेश भेजा जाता है, लेकिन 36 सिख बटालियन को तत्काल सहायता नहीं मिल पाती। फिर ईशर सिंह के नेतृत्व में सिख सिपाही आखिरी दम तक लड़ने का फैसला करते हैं। ईशर सिंह अपनी पुरानी पगड़ी उतार कर केसरी पगड़ी पहन लेता है, क्योंकि केसरी शौर्य का प्रतीक है।

फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत अच्छी तरह से लिखी गई है। इस पर काफी शोध किया गया है। एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट तक संदेश भेजने के लिए जिस पद्धति का इस्तेमाल किया गया है, वह प्रामाणिक लगता है। लेखक गिरीश कोहली और निर्देशक अनुराग सिंह ने हर पात्र को उभरने का पूरा मौका दिया है। किरदारों को अच्छी तरह से गढ़ा गया है। कहानी में शौर्य के साथ भावनाओं को इस तरह बुना गया है कि वह दर्शकों के दिलों में घर कर जाती है। इस फिल्म में हल्के-फुल्के क्षण भी हैं, जो एकरसता को तोड़ते हैं और गुदगुदाते हैं। हालांकि फिल्म में कुछ चीजें अस्वाभाविक भी लगती हैं, पर अखरती नहीं हैं। अक्षय कुमार के कुछ एक्शन दृश्यों में ह्यबॉलीवुडिया शैलीह्ण की छाप साफतौर पर दिखती है।

 इस फिल्म की एक और खासियत है कि इसमें कहीं भी दो सांप्रदायिक वैमनस्य की बात नहीं की गई है। निर्देशक संतुलित अंदाज में अपनी बात को कहने में सफल रहे हैं। हालांकि इस ऐतिहासिक फिल्म में सिनेमाई छूट ली गई है, फिर भी सारागढ़ी की लड़ाई का चित्रण प्रामाणिक लगता है।

गीत-संगीत, सेट, बैकग्राउंड संगीत, संवाद बिल्कुल फिल्म के मिजाज के मुताबिक हैं। बैकग्राउंड में जब गुरुगोविंद सिंह द्वारा रचित ह्यदे वर मोहे शिवा निश्चय कर अपनी जीत करूंह्ण बजता है, तो थियेटर में एक अलग तरह का वातावरण निर्मित हो जाता है। फिल्म की सिनमेटोग्राफी शानदार है। हालांकि फिल्म की लंबाई थोड़ी कम रखी जा सकती थी। निर्देशक अनुराग सिंह पंजाबी फिल्मों का बड़ा नाम हैं। उन्होंने पंजाबी में ह्यपंजाब 1984ह्ण और ह्यजट्ट एंड जूलियटह्ण सिरीज जैसी बड़ी हिट फिल्में निर्देशित की हैं। वह हिन्दी में भी ह्यरकीबह्ण (2007) और ह्यदिल बोले हड़ीप्पाह्ण (2009) जैसी अति साधारण और असफल फिल्में निर्देशित कर चुके हैं। लेकिन वे बतौर निर्देशक ह्यकेसरीह्ण में एक अलग छाप छोड़ते हैं।

अक्षय कुमार का अभिनय बेहतरीन हैं। उनका गेटअप भी शानदार है। वे पूरी तरह ईशर सिंह लगते हैं। वैसे गेटअप सारे किरदारों का बढ़िया है। यह अक्षय का अब तक का सबसे बढ़िया अभिनय है। मौलवी के रूप में राकेश चतुर्वेदी का अभिनय भी याद रह जाता है। फिल्म में जितने भी और कलाकार हैं, वह भी अपने किरदारों के साथ न्याय करते हैं। ह्यकेसरीह्ण को देखने के बाद जब हम सिनेमाहॉल से बाहर निकलते हैं, तो जेहन में अनायास ही ये पंक्तियां गूंजने लगती हैं- ह्यसूरा सो पहचानिए, जो लड़े दीन के हेत/ पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहुं न छाड़े खेतह्ण। निश्चित रूप से यह फिल्म अपनी बात दर्शकों तक पहुंचाने में कामयाब है। एक कालजयी गाथा पर बनी यह फिल्म सिनेमाई श्रेष्ठता की दृष्टि से भले एक कालजयी फिल्म न हो, लेकिन उत्कृष्ट जरूर है। सिनेमा में अगर आपकी ज्यादा रुचि न हो, तो भी आपको यह फिल्म देखनी चाहिए।